छात्रों को उद्यमिता, नेतृत्व क्षमता एवं मनोविज्ञान विषय की दी जानकारी

नरेन्द्र नगर। उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत नवाचार एवं स्टार्टअप उद्यमिता हेतु नेतृत्व क्षमता एवं समूह निर्माण विषय पर छात्र-छात्राओं को प्रबन्धन विभाग प्रभारी ज्योति शैली द्वारा व्याख्यान दिया गया।
प्रथम तकनीकी सत्र में ज्योति शैली ने “उद्यमिता हेतु नेतृत्व क्षमता एवं समूह निर्माण‘‘ विषय पर व्याख्यान की शुरुआत उत्तराखंड के एक स्थानीय ब्रांड ‘नमकवाली’ के एक प्रेरणादायक वीडियो से की, जिसे शार्क टैंक इंडिया में दिखाया गया था और इसकी सफलता की कहानी उद्यमिता हेतु प्रेरणादायी रही। नेतृत्व की विभिन्न शैलियों पर चर्चा की गई, जिसमें नेतृत्व की एक कुशल शैली के रूप में ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व’ पर ध्यान केंद्रित किया गया।
परिवर्तनकारी नेतृत्व के घटकों और इसे कैसे विकसित किया जाए, इस पर भी चर्चा की गई। देश में विकसित विभिन्न सफल नवीन उद्यमशील विचारों पर भी चर्चा की गई।उन्होंने नए स्टार्टअप की स्थापना के लिए आवश्यक प्रमुख तत्वों पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को इस दिशा में मार्गदर्शन प्रदान किया।युवाओं को नवाचार आधारित उद्यम स्थापित करने
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में डॉ. रंजीता जौहरी ने मनोविज्ञान की व्यावसायिक नेतृत्व, उद्यमिता एवं नवाचार में उपयोगिता पर छात्र-छात्राओं को मॉडल के जरिये प्रेरित किया। व्यावसायिक क्षेत्र में आने वाली समस्याओं को मनोवैज्ञानिक मॉडल के माध्यम से निराकरण किया जा सकता है। मनोविज्ञान विषय में रोजगार के अवसरों से भी डॉ0 जौहरी द्वारा परिचित कराया गया। विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का भी निराकरण कर उद्यमिता हेतु प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर डॉ0 संजय महर, नोडल अधिकारी ने बिजनेस मॉडल पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रबंधन में रणनीति हेतु व्यावसायिक मॉडल की उपयोगिता को उपभोक्ता विभक्तीकरण, उत्पाद मूल्य, चौनल, उपभोक्ताओं से संबंध, आय, संसाधन, गतिविधियाँ, साझेदारियाँ और लागत संरचना के सम्बन्ध में चिन्हित कर उद्यमिता के क्षेत्र में सृजनशीलता के पैमानों को हासिल किया जा सकता है।
इस अवसर पर डॉ0 बर्त्वाल, डॉ0 राजपाल, नताशा, डॉ0 सोनी, डॉ0 आराधना, शिशुपाल, साक्षी, शीतल इत्यादि उपस्थित रहे।
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